Free Shipping on all orders above ₹299 • Mala • Dhoop • Chandan • Kapoor & More
Uncategorized

Heartfelt wishes for Maa Shriyadema’s Jayanti 🙏

🌸 जय श्री श्रीयादे माता 🌸 माँ श्रीयादे माता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏 माँ श्रीयादे माता (श्री श्रीयादे / श्रीयादे प्रजापति माता) प्रजापति–कुम्हार समाज

R.r.k.pingoria@live.com 4 min read 2 views

🌸 जय श्री श्रीयादे माता 🌸

माँ श्रीयादे माता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏

माँ श्रीयादे माता (श्री श्रीयादे / श्रीयादे प्रजापति माता) प्रजापति–कुम्हार समाज की कुलदेवी हैं। वे धर्म, भक्ति, साहस और सत्य की प्रतीक मानी जाती हैं। माँ श्रीयादे का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म और भक्ति का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

श्रीयादे माता का जन्म सतयुग के प्रथम चरण में हुआ था। वे लायइजी जलंधरा की पुत्री थीं और बचपन से ही धर्म-भक्ति में अग्रसर रही। उनके गुरु उड़न ऋषि थे।

जयंती (जन्मोत्सव)

माँ श्रीयादे माता की जयंती माघ शुक्ल द्वितीया (माघ दूज) को श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाई जाती है। इस दिन विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, समाजिक कार्यक्रम और सेवा-दान का आयोजन किया जाता है।

माँ श्रीयादे माता की कथा

भक्त शिरोमणि श्री श्रीयादे माता का जन्म सतयुग के प्रथम चरण पाटण में लायइजी जलान्धरा की पुत्री के रूप में माध सुदी 2 (दूज) को हुआ ,वे बचपन से ही घर्म भीरू थी। उनके गुरू उड़न ऋषि थे। श्री श्रीयादे का विवाह गढ़ मुलतान के सावंतजी के साथ हुआ। आपके दो पुत्र एवं एक पुत्री थी। गढ़ मुलतान हिरण्यकश्यप की राजधानी था।

हिरणकश्यप को ब्रह्माजी ने उसकी तपस्य के कारण अमर रहने का वरदान दिया कि वह न आकाश में मरेगा ,न जमीन पर ,न घर में न बाहर ,न दिन में न रात में ,नर से न पशु से न शस्त्र से न अस्त्र से आदि वरदान पाकर हिरण्यकश्यप ने राज्य की जनता पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। भगवान के नाम लेने पर पाबन्दी लगा दी व घर्म कार्यो पर रोक लगा दी।

सावंतजी व श्री श्रीयादे माता का परिवार ही वहां पर गुप्त रूप से भक्ति करते थे व मिट्टी के बर्तन बनाते थे। समय बीतता गया एक दिन प्रहलाद अपने सैनिको के साथ गुरुकुल जा रहा था, उसने मार्ग में देखा की मिटटी के बर्तन आग में पकाए जा रहे है और श्री श्रीयादे माता हरि नाम का जाप कर तपस्या कर रही है। भगवान का नाम सुनकर हिरण्यकश्यप पुत्र प्रहलाद क्रोधित हुआ और बोला इस धरती का भगवान मेरा पिता है तुम किसी दूसरे भगवान का नाम नही ले सकती।

श्री श्रीयादे माता ने अपनी आँखें खोली ओर प्रहलाद को बताया की इस आग की न्याव में एक मटके में बिल्ली के बच्चे जीवित रह गए है, उनकी रक्षा के लिए हरि से प्रार्थना कर रही हूँ की – “हे भगवान इस दहकती आग को शान्त करो।” श्री श्रीयादे माता ने कहा कि इस धरती का भगवान तुम्हारा पिता नही कोई और है। प्रहलाद ने श्री श्रीयादे माता को कहा की अगर तुम्हारे भगवान ने इन बिल्ली के बच्चो को नही बचाया तो मेरा पिता तुम्हे मौत की सजा देगा।

श्री श्रीयादे माता पुनः भगवान का जाप करने लगी, थोड़ी ही देर में हरि महिमा का चमत्कार हुआ। आग की न्याव के नीचे से पाताली गंगा निकली और दहकती हुई आग को शान्त कर दिया। मिटटी के सारे मटके पक गए पर एक मटका कच्चा रह गया, जिसमें बिल्ली के बच्चे जीवित निकले ।

इस तरह श्री श्रीयादे माता ने उस सतयुग में जब राक्षसी प्रभाव बढ़ रहा था तब हरि नाम के चमत्कार को दिखाकर भक्त प्रहलाद के माध्यम से सत्य व घर्म की पुनः स्थापना की।

समाज की आराध्य देवी भक्त शिरोमणि श्री श्रीयादे का जन्मोत्सव हर सजातीय बन्धु को प्रति वर्ष मनाना चाहियें। भक्त शिरोमणि ने प्रहलाद को हरि नाम का उपदेश देकर प्रलयकारी राजा हिरण्यकश्यप के प्रकोप से सकल-जगत की रक्षा कर हमारे कुम्हार समाज का गौरव बढ़ाया था। आज भारत वर्ष के हर क्षेत्र में मां श्री श्रीयादे माता के मंदिर स्थापित है एवं स्वजातिय श्रद्धालुओं की श्री श्रीयादे देवी में गहरी आस्था है उन सभी प्रजापत भाईयों को श्रीयादे मां के उपदेश को अपने जीवन में उतार कर समाज कल्याण सेवाहितार्थ कर्म करने चाहिएं।

🛕 माँ श्रीयादे माता के प्रमुख मंदिर (भारत)

🔸 राजस्थान

  1. श्री श्रीयादे माता मंदिर, नागाणा – जिला बाड़मेर (प्रमुख तीर्थ)
  2. श्री श्रीयादे माता मंदिर, सांचौर क्षेत्र – जिला जालौर
  3. श्री श्रीयादे माता मंदिर, जैसलमेर क्षेत्र
  4. श्री श्रीयादे माता मंदिर, पाली / सुमेरपुर क्षेत्र
  5. श्री श्रीयादे माता मंदिर, बीकानेर क्षेत्र
  6. श्री श्रीयादे माता मंदिर, नागौर क्षेत्र
  7. श्री श्रीयादे माता मंदिर, पल्लू – जिला हनुमानगढ़
  8. श्री श्रीयादे माता मंदिर, श्रीडूंगरगढ़ – जिला बीकानेर

🔸 गुजरात

  1. श्री श्रीयादे माता मंदिर, पालनपुर / बनासकांठा क्षेत्र
  2. श्री श्रीयादे माता मंदिर, पाटन क्षेत्र
  3. श्री श्रीयादे माता मंदिर, कच्छ क्षेत्र

🔸 मध्य प्रदेश

  1. श्री श्रीयादे माता मंदिर, इंदौर क्षेत्र
  2. श्री श्रीयादे माता मंदिर, उज्जैन क्षेत्र
  3. श्री श्रीयादे माता मंदिर, रतलाम / मंदसौर क्षेत्र

🔸 महाराष्ट्र

  1. श्री श्रीयादे माता मंदिर, मुंबई (प्रजापति समाज)
  2. श्री श्रीयादे माता मंदिर, पुणे क्षेत्र
  3. श्री श्रीयादे माता मंदिर, नासिक क्षेत्र

🔸 उत्तर प्रदेश व अन्य

  1. आगरा क्षेत्र
  2. मथुरा क्षेत्र
  3. दिल्ली-NCR, हरियाणा व पंजाब – प्रजापति समाज के सामुदायिक मंदिर

📌 नोट: इसके अतिरिक्त देशभर में गाँव-गाँव, ढाणी-ढाणी में माँ श्रीयादे माता के अनेक स्थानीय थान/मंदिर स्थापित हैं।

Share
R.

r.k.pingoria@live.com

Sheetala Ashtami 2026: Date, Puja Vidhi, Basoda Food, Vrat Katha & Significance
Uncategorized

Sheetala Ashtami 2026: Date, Puja Vidhi, Basoda Food, Vrat Katha & Significance

शीतला अष्टमी 2026: तिथि, पूजा विधि, व्रत कथा, मंत्र, बसौड़ा का महत्व और वैज्ञानिक रहस्य शीतला अष्टमी 2026 हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है

5 min read

Devotee Newsletter

Divine Wisdom, Delivered Weekly

Get puja guides, festival reminders and seva tips for Laddu Gopal Ji straight to your inbox.

Install Divya Darshnam

Add to your home screen for quick access